Sad Shayari Alone

 



  • अकेले में जब तन्हाई से गुज़रते हैं, रोते हैं दिल मगर कोई नहीं सुनता हैं। खुद को छोड़ गए हैं अब खुदा के हवाले, ज़िंदगी एक ख्वाब हैं, ये हक़ीक़त नहीं हैं।

  • अकेले होकर भी रहते हैं सभी जगह, दिल की तन्हाई के आगे सब हैं अजनबी। रूठे हुए यारों के बीना रह गए हैं, जैसे जीना ये बस इक अफ़सानी हैं।

  • राहों में तन्हाई चाहे कितनी भी हो, अकेले चलते हैं हम, सबको छोड़कर। हो सके तो देख लेना तुम इस आदमी को, जिसके लिए ज़िंदगी में कोई नहीं था।

  • बेगाने से लोग बन जाते हैं ज़िंदगी में, खुदग़र्ज़ हो जाते हैं जब तन्हाई में। उम्मीदें थीं कभी, प्यार की ख्वाहिशें थीं, पर वक़्त के साथ तूफ़ान आए थे यहां।

  • Also, Read - Sad Shayari In Hindi

  • बैठे हैं अकेले ये खुद को ढूंढ़ते हैं, दर्द के साए में रोज़ ये तन्हा जीते हैं। ज़िंदगी की राहों में ये बस उम्मीदें हैं, खुदा की मौजूदगी में कुछ नदीयाँ हैं।

  • आईनों में देखा था जो खुद को बदलते, वोही आदतें हमको बिगाड़ती जा रही हैं। ज़िंदगी ने सिखाया है कठिन सी सबको, तन्हाई के साथ हमको बेजान बना रही हैं।

  • रौशनी की आसमान में अकेलापन घोलते हैं, दिल की धड़कनों को इक अजनबी बोलते हैं। दुख के अंधेरे में गहराई सी बढ़ती हैं, ज़िंदगी की छांव में हम सब कहाँ खो गए।

  • ज़िंदगी की गहराइयों में तन्हाई खड़ी हैं, अकेलापन की हवा में दिल रोता जा रहा हैं। जब से छूट गए हैं वो चेहरे ज़िंदगी के, रूह बेजान हो गई हैं, दिल तोड़ता जा रहा हैं।

  • एक अकेले इंसान को खुदा तरसा रहा हैं, सबको छोड़कर ये दुनिया मुझसे छीन रही हैं। राहों में अजनबी हैं और दिल सदा रोता हैं, खुदग़र्ज़ ये ज़िंदगी मुझसे ख़फ़ा रही हैं।

  • अकेलेपन की ये तन्हाई बहुत कुछ सिखाती हैं, दर्द की राहों में ख़ुद को संभालती हैं। ज़िंदगी के रंग में खोया हुआ हूँ मैं, खुद को बचाने की ये बस मजबूरी हैं।

  • Comments